Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.51.37-38h: राजन! जैसे साँप बिल में घुस जाता है, उसी प्रकार वह बाण कर्ण के कवच और शरीर को छेदता हुआ पृथ्वी में समा गया।   |   mahabharat अध्याय 8.51: भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके छ: पुत्रोंका वध, भीम और कर्णका युद्ध, भीमके द्वारा गजसेना, रथसेना और घुड़सवारोंका संहार तथा उभयपक्षकी सेनाओंका घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 51: भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके छ: पुत्रोंका वध, भीम और कर्णका युद्ध, भीमके द्वारा गजसेना, रथसेना और घुड़सवारोंका संहार तथा उभयपक्षकी सेनाओंका घोर युद्ध  »  श्लोक 37-38h
 
 
श्लोक  8.51.37-38h 
तस्य भित्त्वा तनुत्राणं भित्त्वा कायं च सायक:॥ ३७॥
प्राविशद् धरणीं राजन् वल्मीकमिव पन्नग:।
 
 
अनुवाद
राजन! जैसे साँप बिल में घुस जाता है, उसी प्रकार वह बाण कर्ण के कवच और शरीर को छेदता हुआ पृथ्वी में समा गया।
 
King! Just like a snake enters a hole, in the same way that arrow pierced Karna's armour and body and entered the earth.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)