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mahabharat 8.51.35-36h: महाराज! उस समय कर्ण ने अपना प्रबल धनुष कानों तक चढ़ाकर भीमसेन को तीन बाणों से घायल कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 8.51: भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके छ: पुत्रोंका वध, भीम और कर्णका युद्ध, भीमके द्वारा गजसेना, रथसेना और घुड़सवारोंका संहार तथा उभयपक्षकी सेनाओंका घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 51: भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके छ: पुत्रोंका वध, भीम और कर्णका युद्ध, भीमके द्वारा गजसेना, रथसेना और घुड़सवारोंका संहार तथा उभयपक्षकी सेनाओंका घोर युद्ध  »  श्लोक 35-36h
 
 
श्लोक  8.51.35-36h 
तत: कर्णो महाराज भीमसेनं त्रिभि: शरै:॥ ३५॥
आकर्णमूलं विव्याध दृढमायम्य कार्मुकम्।
 
 
अनुवाद
महाराज! उस समय कर्ण ने अपना प्रबल धनुष कानों तक चढ़ाकर भीमसेन को तीन बाणों से घायल कर दिया।
 
Maharaj! At that time Karna pulled his strong bow up to his ears and wounded Bhimasena with three arrows. 35 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)