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mahabharat 8.51.33-34h: तत्पश्चात् भीमसेन ने हाथ में अत्यन्त प्रबल धनुष लेकर कर्ण को अपने बाणों से आच्छादित कर दिया। 33 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 8.51: भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके छ: पुत्रोंका वध, भीम और कर्णका युद्ध, भीमके द्वारा गजसेना, रथसेना और घुड़सवारोंका संहार तथा उभयपक्षकी सेनाओंका घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 51: भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके छ: पुत्रोंका वध, भीम और कर्णका युद्ध, भीमके द्वारा गजसेना, रथसेना और घुड़सवारोंका संहार तथा उभयपक्षकी सेनाओंका घोर युद्ध  »  श्लोक 33-34h
 
 
श्लोक  8.51.33-34h 
तत: कार्मुकमादाय भीमो दृढतरं तदा॥ ३३॥
छादयामास विशिखै: कर्णं परबलार्दनम्।
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् भीमसेन ने हाथ में अत्यन्त प्रबल धनुष लेकर कर्ण को अपने बाणों से आच्छादित कर दिया। 33 1/2॥
 
After that, Bhimasena took a very strong bow in his hand and covered Karna with his arrows. 33 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)