Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.51.27-28h: महाराज! तब कर्ण ने विषैले सर्प के समान फुंफकारते हुए बाणों की भारी वर्षा करके पाण्डुपुत्र भीमसेन को ढक लिया।   |   mahabharat अध्याय 8.51: भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके छ: पुत्रोंका वध, भीम और कर्णका युद्ध, भीमके द्वारा गजसेना, रथसेना और घुड़सवारोंका संहार तथा उभयपक्षकी सेनाओंका घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 51: भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके छ: पुत्रोंका वध, भीम और कर्णका युद्ध, भीमके द्वारा गजसेना, रथसेना और घुड़सवारोंका संहार तथा उभयपक्षकी सेनाओंका घोर युद्ध  »  श्लोक 27-28h
 
 
श्लोक  8.51.27-28h 
तत: कर्णो महाराज आशीविष इव श्वसन्॥ २७॥
शरवर्षेण महता छादयामास पाण्डवम्।
 
 
अनुवाद
महाराज! तब कर्ण ने विषैले सर्प के समान फुंफकारते हुए बाणों की भारी वर्षा करके पाण्डुपुत्र भीमसेन को ढक लिया।
 
Maharaj! Then Karna, hissing like a poisonous serpent, showered a heavy shower of arrows and covered Pandu's son Bhimasena.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)