Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.51.24-25h: महाराज! तत्पश्चात् युद्ध के लिए वीरता से भरे हुए भीमसेन ने आपके पुत्रों के सामने ही कर्ण को अपने बाणों से ढक दिया।   |   mahabharat अध्याय 8.51: भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके छ: पुत्रोंका वध, भीम और कर्णका युद्ध, भीमके द्वारा गजसेना, रथसेना और घुड़सवारोंका संहार तथा उभयपक्षकी सेनाओंका घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 51: भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके छ: पुत्रोंका वध, भीम और कर्णका युद्ध, भीमके द्वारा गजसेना, रथसेना और घुड़सवारोंका संहार तथा उभयपक्षकी सेनाओंका घोर युद्ध  »  श्लोक 24-25h
 
 
श्लोक  8.51.24-25h 
ततो भीमो रणश्लाघी छादयामास पत्रिभि:॥ २४॥
कर्णं रणे महाराज पुत्राणां तव पश्यताम्।
 
 
अनुवाद
महाराज! तत्पश्चात् युद्ध के लिए वीरता से भरे हुए भीमसेन ने आपके पुत्रों के सामने ही कर्ण को अपने बाणों से ढक दिया।
 
Maharaj! Thereafter Bhimasena, who was full of courage for war, covered Karna with his arrows in front of your sons.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)