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mahabharat 8.51.22-23h: हे प्रजानाथ! महाराज! युद्धस्थल में कर्ण और भीमसेन का युद्ध भयंकर, उग्र और अत्यन्त भयानक था।   |   mahabharat अध्याय 8.51: भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके छ: पुत्रोंका वध, भीम और कर्णका युद्ध, भीमके द्वारा गजसेना, रथसेना और घुड़सवारोंका संहार तथा उभयपक्षकी सेनाओंका घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 51: भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके छ: पुत्रोंका वध, भीम और कर्णका युद्ध, भीमके द्वारा गजसेना, रथसेना और घुड़सवारोंका संहार तथा उभयपक्षकी सेनाओंका घोर युद्ध  »  श्लोक 22-23h
 
 
श्लोक  8.51.22-23h 
स संनिपातस्तुमुलो घोररूपो विशाम्पते॥ २२॥
आसीद् रौद्रो महाराज कर्णपाण्डवयोर्मृधे।
 
 
अनुवाद
हे प्रजानाथ! महाराज! युद्धस्थल में कर्ण और भीमसेन का युद्ध भयंकर, उग्र और अत्यन्त भयानक था।
 
O Prajanath! Maharaj! The fight between Karna and Bhimasena on the battlefield was fierce, furious and extremely dreadful. 22 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)