Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.51.2: सूत! दुर्योधन मुझसे बार-बार कहा करता था कि ‘अकेला कर्ण ही युद्धस्थल में सृंजयों सहित समस्त पाण्डवों को मार सकता है।’॥2॥   |   mahabharat अध्याय 8.51: भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके छ: पुत्रोंका वध, भीम और कर्णका युद्ध, भीमके द्वारा गजसेना, रथसेना और घुड़सवारोंका संहार तथा उभयपक्षकी सेनाओंका घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 51: भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके छ: पुत्रोंका वध, भीम और कर्णका युद्ध, भीमके द्वारा गजसेना, रथसेना और घुड़सवारोंका संहार तथा उभयपक्षकी सेनाओंका घोर युद्ध  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  8.51.2 
कर्णो ह्येको रणे हन्ता पाण्डवान् सृञ्जयै: सह।
इति दुर्योधन: सूत प्राब्रवीन्मां मुहुर्मुहु:॥ २॥
 
 
अनुवाद
सूत! दुर्योधन मुझसे बार-बार कहा करता था कि ‘अकेला कर्ण ही युद्धस्थल में सृंजयों सहित समस्त पाण्डवों को मार सकता है।’॥2॥
 
Suta! Duryodhana used to tell me again and again that 'Karna alone can kill all the Pandavas including the Srinjayas on the battlefield.'॥ 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)