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mahabharat 8.51.18-19h: उसकी सेना व्याकुल हो गई। तब पराक्रमी भीमसेन ने नन्द और उपनन्द को युद्धभूमि में यमलोक भेज दिया।   |   mahabharat अध्याय 8.51: भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके छ: पुत्रोंका वध, भीम और कर्णका युद्ध, भीमके द्वारा गजसेना, रथसेना और घुड़सवारोंका संहार तथा उभयपक्षकी सेनाओंका घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 51: भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके छ: पुत्रोंका वध, भीम और कर्णका युद्ध, भीमके द्वारा गजसेना, रथसेना और घुड़सवारोंका संहार तथा उभयपक्षकी सेनाओंका घोर युद्ध  »  श्लोक 18-19h
 
 
श्लोक  8.51.18-19h 
तेषां सुलुलिते सैन्ये पुनर्भीमो महाबल:॥ १८॥
नन्दोपनन्दौ समरे प्रैषयद् यमसादनम्।
 
 
अनुवाद
उसकी सेना व्याकुल हो गई। तब पराक्रमी भीमसेन ने नन्द और उपनन्द को युद्धभूमि में यमलोक भेज दिया।
 
His army became restless. Then the mighty Bhimasena sent Nanda and Upananda to Yamaloka in the battlefield. 18 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)