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श्री महाभारत
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पर्व 8: कर्ण पर्व
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अध्याय 50: कर्ण और भीमसेनका युद्ध तथा कर्णका पलायन
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श्लोक 20
श्लोक
8.50.20
यदुक्तं वचनं मेऽद्य त्वया मद्रजनेश्वर।
भीमसेनं प्रति विभो तत् सत्यं नात्र संशय:॥ २०॥
अनुवाद
मद्रराज! प्रभु! आज आपने भीमसेन के विषय में जो कुछ मुझसे कहा है, वह सर्वथा सत्य है - इसमें तनिक भी संदेह नहीं है।
Madraraj! Prabhu! Whatever you have told me today about Bhimasena is absolutely true - there is no doubt about it.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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