श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 50: कर्ण और भीमसेनका युद्ध तथा कर्णका पलायन  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  8.50.16 
ईदृशं नास्य रूपं मे दृष्टपूर्वं कदाचन।
अभिमन्यौ हते कर्ण राक्षसे च घटोत्कचे॥ १६॥
 
 
अनुवाद
कर्ण! अभिमन्यु और राक्षस घटोत्कच के मारे जाने के बाद भी मैंने उसे पहले कभी इस रूप में नहीं देखा था॥16॥
 
Karna! Even after Abhimanyu and the demon Ghatotkacha were killed, I had never seen him in such a form before.॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)