श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 50: कर्ण और भीमसेनका युद्ध तथा कर्णका पलायन  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  8.50.12 
राजानमद्य भवतां न्यासभूतं ददानि वै।
तस्य संरक्षणे सर्वे यतध्वं विगतज्वरा:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
इस समय मैं राजा को अमानत के रूप में तुम्हारे हवाले कर रहा हूँ। तुम सब लोग निश्चिंत होकर उसकी रक्षा का पूरा प्रयत्न करो।॥12॥
 
At this time I am handing over the king to you as a trust. All of you should be worry free and make every effort to protect him.'॥ 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)