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mahabharat 8.5.51-52: महाराज! अन्य अनेक महापराक्रमी योद्धा जो एक-दूसरे को मारना चाहते थे, वे भी मारे गए हैं। हे राजन! ये तथा अन्य अनेक राजा भी अपनी-अपनी सहस्रों सेनाओं सहित युद्धभूमि में मारे गए हैं। जो कुछ तुम मुझसे पूछ रहे थे, वह सब मैंने तुम्हें बता दिया है। 51-52.   |   mahabharat अध्याय 8.5: संजयका धृतराष्ट्रको कौरवपक्षके मारे गये प्रमुख वीरोंका परिचय देना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 5: संजयका धृतराष्ट्रको कौरवपक्षके मारे गये प्रमुख वीरोंका परिचय देना  »  श्लोक 51-52
 
 
श्लोक  8.5.51-52 
अन्ये तथामितबला: परस्परवधैषिण:॥ ५१॥
एते चान्ये च बहवो राजान: सगणा रणे।
हता: सहस्रशो राजन् यन्मां त्वं परिपृच्छसि॥ ५२॥
 
 
अनुवाद
महाराज! अन्य अनेक महापराक्रमी योद्धा जो एक-दूसरे को मारना चाहते थे, वे भी मारे गए हैं। हे राजन! ये तथा अन्य अनेक राजा भी अपनी-अपनी सहस्रों सेनाओं सहित युद्धभूमि में मारे गए हैं। जो कुछ तुम मुझसे पूछ रहे थे, वह सब मैंने तुम्हें बता दिया है। 51-52.
 
Maharaj! Many other immensely powerful warriors who wanted to kill each other have also been killed. O King! These and many other kings have been killed in the battlefield along with their armies in thousands. I have told you everything that you were asking me. 51-52.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)