श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 5: संजयका धृतराष्ट्रको कौरवपक्षके मारे गये प्रमुख वीरोंका परिचय देना  »  श्लोक 46
 
 
श्लोक  8.5.46 
राधेय: सूतपुत्रश्च भ्रातरश्च महारथा:।
केकया: सर्वशश्चापि निहता: सव्यसाचिना॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
सूतपुत्र राधानन्दन कर्ण, उसका कुशल भाई तथा समस्त केकय भी सव्यसाची अर्जुन के हाथ से मारे गए ॥46॥
 
Suta's son Radhanandan Karna, his expert brother and all Kekaya were also killed by the hand of Savyasachi Arjun. 46॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)