श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 5: संजयका धृतराष्ट्रको कौरवपक्षके मारे गये प्रमुख वीरोंका परिचय देना  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  8.5.27 
राजा भगीरथो वृद्धो बृहत्क्षत्रश्च केकय:।
पराक्रमन्तौ विक्रान्तौ निहतौ वीर्यवत्तरौ॥ २७॥
 
 
अनुवाद
वृद्ध राजा भगीरथ और केकयन राजा बृहत्क्षत्र - ये दोनों बड़े बलवान और वीर योद्धा थे, जो युद्ध में वीरता दिखाते हुए मारे गए ॥27॥
 
Old King Bhagiratha and Kekayan King Brihatkshatra - both of them were very strong and brave warriors, who were killed while showing bravery in the war. 27॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)