यस्य राजन् गजानीकं बहुसाहस्रमद्भुतम्।
सुदक्षिण: स संग्रामे निहत: सव्यसाचिना॥ २०॥
अनुवाद
हे राजन! सुदक्षिण, जिसके अधीन सहस्त्रों हाथियों की अद्भुत सेना थी, वह भी युद्ध में सव्यसाची अर्जुन के बाणों का लक्ष्य बन गया।
O King! Sudakshin, who had under his command a wonderful army of thousands of elephants, also became the target of the arrows of Savyasachi Arjun in the battle.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥