श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 5: संजयका धृतराष्ट्रको कौरवपक्षके मारे गये प्रमुख वीरोंका परिचय देना  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  8.5.17 
तथा कौरवदायादो न्यस्तशस्त्रो महायशा:।
हतो भूरिश्रवा राजन् शूर: सात्यकिना युधि॥ १७॥
 
 
अनुवाद
राजन! कौरव वंश का परम प्रतापी योद्धा भूरिश्रवा, जिसने अपने शस्त्र त्याग दिए थे, युद्धभूमि में सात्यकि के द्वारा मारा गया ॥17॥
 
Rajan! Bhurishrava, the most illustrious warrior of the Kaurava dynasty, who had abandoned his weapons, was killed by Satyaki in the battlefield. 17॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)