Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.5.15-16: वे धर्मात्मा राजा भगदत्त, जो समुद्रतटीय किरातों के स्वामी तथा देवराज इन्द्र के अत्यन्त सम्माननीय एवं प्रिय मित्र थे, जो सदैव क्षत्रिय धर्म में तत्पर रहते थे, वे भी वीरता दिखाकर अर्जुन के साथ यमराज के लोक में चले गये। | mahabharat अध्याय 8.5: संजयका धृतराष्ट्रको कौरवपक्षके मारे गये प्रमुख वीरोंका परिचय देना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वे धर्मात्मा राजा भगदत्त, जो समुद्रतटीय किरातों के स्वामी तथा देवराज इन्द्र के अत्यन्त सम्माननीय एवं प्रिय मित्र थे, जो सदैव क्षत्रिय धर्म में तत्पर रहते थे, वे भी वीरता दिखाकर अर्जुन के साथ यमराज के लोक में चले गये।
That pious king Bhagadatta, who was the lord of the sea-coast Kiratas and a very respectable and dear friend of Devraj Indra, who was always active in the Kshatriya religion, also went to the world of Yamraj along with Arjun after showing bravery.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥