Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.49.d6: शत्रुओं के लिए भयंकर उस घोर अंधकार में महाबाहु कर्ण अनेक राजपूतों को जलाता हुआ विचरण करने लगा।   |   mahabharat अध्याय 8.49: कर्ण और युधिष्ठिरका संग्राम, कर्णकी मूर्च्छा, कर्णद्वारा युधिष्ठिरकी पराजय और तिरस्कार तथा पाण्डवोंके हजारों योद्धाओंका वध और रक्त-नदीका वर्णन तथा पाण्डव महारथियोंद्वारा कौरव-सेनाका विध्वंस और उसका पलायन   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 49: कर्ण और युधिष्ठिरका संग्राम, कर्णकी मूर्च्छा, कर्णद्वारा युधिष्ठिरकी पराजय और तिरस्कार तथा पाण्डवोंके हजारों योद्धाओंका वध और रक्त-नदीका वर्णन तथा पाण्डव महारथियोंद्वारा कौरव-सेनाका विध्वंस और उसका पलायन  »  श्लोक d6
 
 
श्लोक  8.49.d6 
तस्मिंस्तमसि भूते च क्षत्रियाणां भयंकरे।
विचचार महाबाहुर्निर्दहन् क्षत्रियान् बहून्॥ )
 
 
अनुवाद
शत्रुओं के लिए भयंकर उस घोर अंधकार में महाबाहु कर्ण अनेक राजपूतों को जलाता हुआ विचरण करने लगा।
 
In that dense darkness, which was fearful for the enemies, the mighty-armed Karna started wandering, burning many Rajputs.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)