Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.49.d20-d21h: जैसे सिंह छोटे-छोटे हिरणों को पीड़ा पहुँचाता है, उसी प्रकार राधापुत्र कर्ण ने उन महारथियों को बाणों से पीड़ा पहुँचाते हुए तथा मुड़ी हुई गांठों वाले तीखे बाणों से घायल करके पुनः धर्मराज, धर्मपुत्र युधिष्ठिर पर आक्रमण किया। | mahabharat अध्याय 8.49: कर्ण और युधिष्ठिरका संग्राम, कर्णकी मूर्च्छा, कर्णद्वारा युधिष्ठिरकी पराजय और तिरस्कार तथा पाण्डवोंके हजारों योद्धाओंका वध और रक्त-नदीका वर्णन तथा पाण्डव महारथियोंद्वारा कौरव-सेनाका विध्वंस और उसका पलायन । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जैसे सिंह छोटे-छोटे हिरणों को पीड़ा पहुँचाता है, उसी प्रकार राधापुत्र कर्ण ने उन महारथियों को बाणों से पीड़ा पहुँचाते हुए तथा मुड़ी हुई गांठों वाले तीखे बाणों से घायल करके पुनः धर्मराज, धर्मपुत्र युधिष्ठिर पर आक्रमण किया।
Just as a lion torments small deer, similarly Radha's son Karna, tormenting those great warriors with arrows and wounding them with sharp arrows having bent knots, again attacked Dharmaraja, Dharma's son Yudhishthira.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥