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mahabharat 8.49.90-91h: महाराज! उन आक्रमणकारी योद्धाओं का असह्य वेग देखकर आपके पुत्रों की विशाल सेना युद्ध छोड़कर भाग गई।   |   mahabharat अध्याय 8.49: कर्ण और युधिष्ठिरका संग्राम, कर्णकी मूर्च्छा, कर्णद्वारा युधिष्ठिरकी पराजय और तिरस्कार तथा पाण्डवोंके हजारों योद्धाओंका वध और रक्त-नदीका वर्णन तथा पाण्डव महारथियोंद्वारा कौरव-सेनाका विध्वंस और उसका पलायन   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 49: कर्ण और युधिष्ठिरका संग्राम, कर्णकी मूर्च्छा, कर्णद्वारा युधिष्ठिरकी पराजय और तिरस्कार तथा पाण्डवोंके हजारों योद्धाओंका वध और रक्त-नदीका वर्णन तथा पाण्डव महारथियोंद्वारा कौरव-सेनाका विध्वंस और उसका पलायन  »  श्लोक 90-91h
 
 
श्लोक  8.49.90-91h 
तेषामापततां वेगमविषह्यं निरीक्ष्य च॥ ९०॥
पुत्राणां ते महासैन्यमासीद् राजन् पराङ्मुखम्।
 
 
अनुवाद
महाराज! उन आक्रमणकारी योद्धाओं का असह्य वेग देखकर आपके पुत्रों की विशाल सेना युद्ध छोड़कर भाग गई।
 
King! Seeing the unbearable speed of those attacking warriors, the huge army of your sons turned away from the battle and fled. 90 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)