Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.49.71-72h: जैसे नीचे के प्रदेश से पर्वत शिखर टूटकर लुढ़क जाते हैं और जैसे वज्र से पर्वत चकनाचूर हो जाते हैं, वैसे ही वहाँ मारे गए हाथी अपने सवारों सहित पृथ्वी पर गिर पड़े। | mahabharat अध्याय 8.49: कर्ण और युधिष्ठिरका संग्राम, कर्णकी मूर्च्छा, कर्णद्वारा युधिष्ठिरकी पराजय और तिरस्कार तथा पाण्डवोंके हजारों योद्धाओंका वध और रक्त-नदीका वर्णन तथा पाण्डव महारथियोंद्वारा कौरव-सेनाका विध्वंस और उसका पलायन । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जैसे नीचे के प्रदेश से पर्वत शिखर टूटकर लुढ़क जाते हैं और जैसे वज्र से पर्वत चकनाचूर हो जाते हैं, वैसे ही वहाँ मारे गए हाथी अपने सवारों सहित पृथ्वी पर गिर पड़े।
Just as mountain peaks break off and roll down from the lower region, and just as mountains shattered by thunderbolts, similarly the elephants killed there, along with their riders, fell to the earth. 71 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥