vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 8: कर्ण पर्व
»
अध्याय 49: कर्ण और युधिष्ठिरका संग्राम, कर्णकी मूर्च्छा, कर्णद्वारा युधिष्ठिरकी पराजय और तिरस्कार तथा पाण्डवोंके हजारों योद्धाओंका वध और रक्त-नदीका वर्णन तथा पाण्डव महारथियोंद्वारा कौरव-सेनाका विध्वंस और उसका पलायन
»
श्लोक 70-71h
श्लोक
8.49.70-71h
विपताकध्वजच्छत्रा व्यश्वसूतायुधा रणे॥ ७०॥
व्यङ्गाङ्गावयवा: पेतु: क्षितौ क्षीणा: क्षितीश्वरा:।
अनुवाद
अनेक घायल राजा अपनी ध्वजा, ध्वजा, छत्र, घोड़े, सारथी, अस्त्र-शस्त्र, शरीर और अंग विहीन होकर युद्धभूमि में गिर पड़े। 70 1/2
Many wounded kings fell on the battlefield, without their banners, flags, umbrellas, horses, charioteers, weapons, bodies and their limbs. 70 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×