Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.49.7: तत्पश्चात् पाण्डवों और पांचालों ने युद्धभूमि में क्रोधित यमराज के समान वैकर्तन कर्ण को अपने बाणों से रोक दिया, जैसे वैद्य मन्त्रों और औषधियों से रोगों को रोक देते हैं। | mahabharat अध्याय 8.49: कर्ण और युधिष्ठिरका संग्राम, कर्णकी मूर्च्छा, कर्णद्वारा युधिष्ठिरकी पराजय और तिरस्कार तथा पाण्डवोंके हजारों योद्धाओंका वध और रक्त-नदीका वर्णन तथा पाण्डव महारथियोंद्वारा कौरव-सेनाका विध्वंस और उसका पलायन । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् पाण्डवों और पांचालों ने युद्धभूमि में क्रोधित यमराज के समान वैकर्तन कर्ण को अपने बाणों से रोक दिया, जैसे वैद्य मन्त्रों और औषधियों से रोगों को रोक देते हैं।
Thereafter the Pandavas and the Panchalas stopped Vaikartana Karna, who was like Yamaraja enraged in the battle-field, with their arrows, just as doctors prevent diseases with mantras and medicines.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥