Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.49.62-63h: तत्पश्चात् युधिष्ठिर की सेना को युद्ध से विमुख होते देख वीर कर्ण हर्ष में भरकर कौरव सैनिकों को साथ लेकर कुछ दूर तक उनका पीछा करता रहा। | mahabharat अध्याय 8.49: कर्ण और युधिष्ठिरका संग्राम, कर्णकी मूर्च्छा, कर्णद्वारा युधिष्ठिरकी पराजय और तिरस्कार तथा पाण्डवोंके हजारों योद्धाओंका वध और रक्त-नदीका वर्णन तथा पाण्डव महारथियोंद्वारा कौरव-सेनाका विध्वंस और उसका पलायन । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् युधिष्ठिर की सेना को युद्ध से विमुख होते देख वीर कर्ण हर्ष में भरकर कौरव सैनिकों को साथ लेकर कुछ दूर तक उनका पीछा करता रहा।
Thereafter, seeing Yudhishthira's army turning away from the battle, the brave Karna, filled with joy, took along with him the Kaurava soldiers and pursued them for some distance. 62 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥