Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.49.38: जब पाण्डव पक्ष के प्रमुख योद्धाओं ने उस पर चारों ओर से आक्रमण किया, तब कर्ण ने ब्रह्मास्त्र प्रकट किया और अपने बाणों से समस्त दिशाओं को आच्छादित कर दिया। 38. | mahabharat अध्याय 8.49: कर्ण और युधिष्ठिरका संग्राम, कर्णकी मूर्च्छा, कर्णद्वारा युधिष्ठिरकी पराजय और तिरस्कार तथा पाण्डवोंके हजारों योद्धाओंका वध और रक्त-नदीका वर्णन तथा पाण्डव महारथियोंद्वारा कौरव-सेनाका विध्वंस और उसका पलायन । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स पाण्डवानां प्रवरै: सर्वत: समभिद्रुत:।
उदीरयन् ब्राह्ममस्त्रं शरैरापूरयद् दिश:॥ ३८॥
अनुवाद
जब पाण्डव पक्ष के प्रमुख योद्धाओं ने उस पर चारों ओर से आक्रमण किया, तब कर्ण ने ब्रह्मास्त्र प्रकट किया और अपने बाणों से समस्त दिशाओं को आच्छादित कर दिया। 38.
When the Pandava side's leading warriors attacked him from all sides, Karna manifested the Brahmastra and covered all directions with his arrows. 38.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥