Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.49.27: तत्पश्चात् उन्होंने दो फरसों से युद्धस्थल में महात्मा युधिष्ठिर के चक्ररक्षक चन्द्रदेव और दण्डधर नामक दो पांचाल योद्धाओं को मार डाला ॥27॥ | mahabharat अध्याय 8.49: कर्ण और युधिष्ठिरका संग्राम, कर्णकी मूर्च्छा, कर्णद्वारा युधिष्ठिरकी पराजय और तिरस्कार तथा पाण्डवोंके हजारों योद्धाओंका वध और रक्त-नदीका वर्णन तथा पाण्डव महारथियोंद्वारा कौरव-सेनाका विध्वंस और उसका पलायन । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत: क्षुराभ्यां पाञ्चाल्यौ चक्ररक्षौ महात्मन:।
जघान चन्द्रदेवं च दण्डधारं च संयुगे॥ २७॥
अनुवाद
तत्पश्चात् उन्होंने दो फरसों से युद्धस्थल में महात्मा युधिष्ठिर के चक्ररक्षक चन्द्रदेव और दण्डधर नामक दो पांचाल योद्धाओं को मार डाला ॥27॥
After that, with two axes, he killed the two Panchal warriors Chandradev and Dandhadhar, the Chakra protectors of Mahatma Yudhishthira, in the battlefield. 27॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥