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mahabharat 8.49.21: उस प्रहार से आहत होकर शक्तिशाली कर्ण का धनुष छूट गया और वह रथ पर ही मूर्छित होकर गिर पड़ा। उसका सारा शरीर दुर्बल हो गया।   |   mahabharat अध्याय 8.49: कर्ण और युधिष्ठिरका संग्राम, कर्णकी मूर्च्छा, कर्णद्वारा युधिष्ठिरकी पराजय और तिरस्कार तथा पाण्डवोंके हजारों योद्धाओंका वध और रक्त-नदीका वर्णन तथा पाण्डव महारथियोंद्वारा कौरव-सेनाका विध्वंस और उसका पलायन   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 49: कर्ण और युधिष्ठिरका संग्राम, कर्णकी मूर्च्छा, कर्णद्वारा युधिष्ठिरकी पराजय और तिरस्कार तथा पाण्डवोंके हजारों योद्धाओंका वध और रक्त-नदीका वर्णन तथा पाण्डव महारथियोंद्वारा कौरव-सेनाका विध्वंस और उसका पलायन  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  8.49.21 
स तु तेन प्रहारेण पीडित: प्रमुमोह वै।
स्रस्तगात्रो महाबाहुर्धनुरुत्सृज्य स्यन्दने॥ २१॥
 
 
अनुवाद
उस प्रहार से आहत होकर शक्तिशाली कर्ण का धनुष छूट गया और वह रथ पर ही मूर्छित होकर गिर पड़ा। उसका सारा शरीर दुर्बल हो गया।
 
Being affected by that attack, the powerful Karna dropped his bow and fell unconscious on the chariot. His whole body became weak.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)