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श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 49: कर्ण और युधिष्ठिरका संग्राम, कर्णकी मूर्च्छा, कर्णद्वारा युधिष्ठिरकी पराजय और तिरस्कार तथा पाण्डवोंके हजारों योद्धाओंका वध और रक्त-नदीका वर्णन तथा पाण्डव महारथियोंद्वारा कौरव-सेनाका विध्वंस और उसका पलायन  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  8.49.20 
स तु वेगवता मुक्तो बाणो वज्राशनिस्वन:।
विवेश सहसा कर्णं सव्ये पार्श्वे महारथम्॥ २०॥
 
 
अनुवाद
वह बाण, जो वज्र और बिजली के समान ध्वनि करता था, शीघ्रतापूर्वक युधिष्ठिर द्वारा छोड़ा गया था, अचानक महारथी कर्ण की बायीं पसली में जा लगा।
 
That arrow, which made a sound like thunderbolt and lightning, shot by the swift Yudhishthira, suddenly pierced the left rib of the mighty warrior Karna.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)