Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.49.11-12h: कान! कान! हे दुष्टपुत्र! मेरी बात सुनो। तुम युद्ध में वीर अर्जुन से सदैव ईर्ष्या करते हो और दुर्योधन की बात मानकर सदैव हमें बाधा पहुँचाते हो। 11 1/2॥ | mahabharat अध्याय 8.49: कर्ण और युधिष्ठिरका संग्राम, कर्णकी मूर्च्छा, कर्णद्वारा युधिष्ठिरकी पराजय और तिरस्कार तथा पाण्डवोंके हजारों योद्धाओंका वध और रक्त-नदीका वर्णन तथा पाण्डव महारथियोंद्वारा कौरव-सेनाका विध्वंस और उसका पलायन । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कान! कान! हे दुष्टपुत्र! मेरी बात सुनो। तुम युद्ध में वीर अर्जुन से सदैव ईर्ष्या करते हो और दुर्योधन की बात मानकर सदैव हमें बाधा पहुँचाते हो। 11 1/2॥
Ear! Ear! Son of a misanthrope! Listen to me. You are always jealous of the brave warrior Arjuna in battle and always hinder us by being in the opinion of Duryodhana. 11 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥