Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.48.d5: राजेंद्र! अपनी चपलता के कारण हम कर्ण को एक ही क्षण में पहले पश्चिम दिशा में देखते थे, फिर पूर्व दिशा में। हम यह नहीं देख पाते थे कि कर्ण उस समय कहाँ खड़ा है। | mahabharat अध्याय 8.48: कर्णके द्वारा बहुत-से योद्धाओंसहित पाण्डव-सेनाका संहार, भीमसेनके द्वारा कर्णपुत्र भानुसेनका वध, नकुल और सात्यकिके साथ वृषसेनका युद्ध तथा कर्णका राजा युधिष्ठिरपर आक्रमण । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजेंद्र! अपनी चपलता के कारण हम कर्ण को एक ही क्षण में पहले पश्चिम दिशा में देखते थे, फिर पूर्व दिशा में। हम यह नहीं देख पाते थे कि कर्ण उस समय कहाँ खड़ा है।
Rajendra! Due to his agility, we used to see Karna in the west direction and then in the east direction in the same moment. We were not able to see where Karna was standing at that time.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥