Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.48.6: उस समय वहाँ नाना प्रकार के बाणों के गिरने, हाथियों के चिंघाड़ने, घोड़ों के हिनहिनाने, रथों के घरघराने और योद्धाओं के गरजने की भयंकर ध्वनि गूंजने लगी॥6॥ | mahabharat अध्याय 8.48: कर्णके द्वारा बहुत-से योद्धाओंसहित पाण्डव-सेनाका संहार, भीमसेनके द्वारा कर्णपुत्र भानुसेनका वध, नकुल और सात्यकिके साथ वृषसेनका युद्ध तथा कर्णका राजा युधिष्ठिरपर आक्रमण । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस समय वहाँ नाना प्रकार के बाणों के गिरने, हाथियों के चिंघाड़ने, घोड़ों के हिनहिनाने, रथों के घरघराने और योद्धाओं के गरजने की भयंकर ध्वनि गूंजने लगी॥6॥
At that time, the dreadful sounds of various kinds of arrows falling, the trumpeting of elephants, the neighing of horses, the whirring of chariots and the roaring of warriors resonated there. ॥ 6॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥