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mahabharat 8.48.56: शत्रुओं का नाश करने वाले तथा रथ पर सवार होकर चलने वाले वीर सारथी पुत्र कर्ण ने दस-दस बाणों से उन सबको घायल कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 8.48: कर्णके द्वारा बहुत-से योद्धाओंसहित पाण्डव-सेनाका संहार, भीमसेनके द्वारा कर्णपुत्र भानुसेनका वध, नकुल और सात्यकिके साथ वृषसेनका युद्ध तथा कर्णका राजा युधिष्ठिरपर आक्रमण   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 48: कर्णके द्वारा बहुत-से योद्धाओंसहित पाण्डव-सेनाका संहार, भीमसेनके द्वारा कर्णपुत्र भानुसेनका वध, नकुल और सात्यकिके साथ वृषसेनका युद्ध तथा कर्णका राजा युधिष्ठिरपर आक्रमण  »  श्लोक 56
 
 
श्लोक  8.48.56 
तान् सूतपुत्रो विशिखैर्दशभिर्दशभि: शरै:।
रथेनानुचरन् वीर: प्रत्यविध्यदरिंदम:॥ ५६॥
 
 
अनुवाद
शत्रुओं का नाश करने वाले तथा रथ पर सवार होकर चलने वाले वीर सारथी पुत्र कर्ण ने दस-दस बाणों से उन सबको घायल कर दिया।
 
The brave charioteer's son Karna, who destroyed the enemies and was moving in a chariot, wounded them all with ten arrows each.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)