Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.48.43-44h: इस प्रकार युयुधान द्वारा सारथि, अश्व और रथध्वजा से वंचित होकर वृषसेन युद्धभूमि में दो घण्टे तक अपने रथ पर थका हुआ बैठा रहा। तत्पश्चात् वह उठा और ढाल-तलवार लेकर सात्यकि को मार डालने के इरादे से उसकी ओर बढ़ा। | mahabharat अध्याय 8.48: कर्णके द्वारा बहुत-से योद्धाओंसहित पाण्डव-सेनाका संहार, भीमसेनके द्वारा कर्णपुत्र भानुसेनका वध, नकुल और सात्यकिके साथ वृषसेनका युद्ध तथा कर्णका राजा युधिष्ठिरपर आक्रमण । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस प्रकार युयुधान द्वारा सारथि, अश्व और रथध्वजा से वंचित होकर वृषसेन युद्धभूमि में दो घण्टे तक अपने रथ पर थका हुआ बैठा रहा। तत्पश्चात् वह उठा और ढाल-तलवार लेकर सात्यकि को मार डालने के इरादे से उसकी ओर बढ़ा।
Thus, in the battlefield, Vrishasena, deprived of his charioteer, horse and chariot flag by Yuyudhana, sat exhausted on his chariot for two hours. Then he got up and advanced towards Satyaki with his shield and sword, with the intention of killing him.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥