Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.48.38-39h: राजन! शत्रु योद्धाओं का संहार करने वाले नकुल ने अपने बाणों से समस्त दिशाओं को आच्छादित कर दिया और फिर तीन बाणों से सुषेण तथा उसके सारथि को घायल कर दिया। इसके अतिरिक्त, उसके बलवान धनुष पर तीन भालों से प्रहार करके उसके तीन टुकड़े कर दिए। | mahabharat अध्याय 8.48: कर्णके द्वारा बहुत-से योद्धाओंसहित पाण्डव-सेनाका संहार, भीमसेनके द्वारा कर्णपुत्र भानुसेनका वध, नकुल और सात्यकिके साथ वृषसेनका युद्ध तथा कर्णका राजा युधिष्ठिरपर आक्रमण । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स तु बाणैर्दिशो राजन्नाच्छाद्य परवीरहा।
आजघ्ने सारथिं चास्य सुषेणं च ततस्त्रिभि:॥ ३८॥
चिच्छेद चास्य सुदृढं धनुर्भल्लैस्त्रिभिस्त्रिधा।
अनुवाद
राजन! शत्रु योद्धाओं का संहार करने वाले नकुल ने अपने बाणों से समस्त दिशाओं को आच्छादित कर दिया और फिर तीन बाणों से सुषेण तथा उसके सारथि को घायल कर दिया। इसके अतिरिक्त, उसके बलवान धनुष पर तीन भालों से प्रहार करके उसके तीन टुकड़े कर दिए।
King! Nakula, the slayer of enemy warriors, covered all directions with his arrows and then wounded Sushen and his charioteer with three arrows. Also, he hit his strong bow with three spears and broke it into three pieces.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥