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mahabharat 8.48.36: महाराज! महारथी सुषेण ने नकुल को दस बाणों से घायल कर दिया और शीघ्र ही एक छुरे से उसका धनुष काट डाला।   |   mahabharat अध्याय 8.48: कर्णके द्वारा बहुत-से योद्धाओंसहित पाण्डव-सेनाका संहार, भीमसेनके द्वारा कर्णपुत्र भानुसेनका वध, नकुल और सात्यकिके साथ वृषसेनका युद्ध तथा कर्णका राजा युधिष्ठिरपर आक्रमण   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 48: कर्णके द्वारा बहुत-से योद्धाओंसहित पाण्डव-सेनाका संहार, भीमसेनके द्वारा कर्णपुत्र भानुसेनका वध, नकुल और सात्यकिके साथ वृषसेनका युद्ध तथा कर्णका राजा युधिष्ठिरपर आक्रमण  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  8.48.36 
तं सुषेणो महाराज विद्‍ध्वा दशभिराशुगै:।
चिच्छेद च धनु: शीघ्रं क्षुरप्रेण महारथ:॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
महाराज! महारथी सुषेण ने नकुल को दस बाणों से घायल कर दिया और शीघ्र ही एक छुरे से उसका धनुष काट डाला।
 
Maharaj! The great warrior Sushen struck Nakula with ten arrows and soon cut off his bow with a razor-like blade.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)