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mahabharat 8.48.31: तब सुषेण ने हाथ में बाण लेकर कहा, ‘अब तुम मारे गये।’ किन्तु कर्ण ने भीमसेन का वह बाण काट दिया तथा तीन और बाणों से उन्हें घायल कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 8.48: कर्णके द्वारा बहुत-से योद्धाओंसहित पाण्डव-सेनाका संहार, भीमसेनके द्वारा कर्णपुत्र भानुसेनका वध, नकुल और सात्यकिके साथ वृषसेनका युद्ध तथा कर्णका राजा युधिष्ठिरपर आक्रमण   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 48: कर्णके द्वारा बहुत-से योद्धाओंसहित पाण्डव-सेनाका संहार, भीमसेनके द्वारा कर्णपुत्र भानुसेनका वध, नकुल और सात्यकिके साथ वृषसेनका युद्ध तथा कर्णका राजा युधिष्ठिरपर आक्रमण  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  8.48.31 
सुषेणं च हतोऽसीति ब्रुवन्नादत्त सायकम्।
तमस्य कर्णश्चिच्छेद त्रिभिश्चैनमताडयत्॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
तब सुषेण ने हाथ में बाण लेकर कहा, ‘अब तुम मारे गये।’ किन्तु कर्ण ने भीमसेन का वह बाण काट दिया तथा तीन और बाणों से उन्हें घायल कर दिया।
 
Then Sushen took the arrow in his hand saying, 'Now you are killed.' But Karna cut that arrow of Bhimasena and injured him with three more arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)