श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 48: कर्णके द्वारा बहुत-से योद्धाओंसहित पाण्डव-सेनाका संहार, भीमसेनके द्वारा कर्णपुत्र भानुसेनका वध, नकुल और सात्यकिके साथ वृषसेनका युद्ध तथा कर्णका राजा युधिष्ठिरपर आक्रमण  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  8.48.3 
संजय उवाच
धृष्टद्युम्नमुखान् पार्थान् दृष्ट्वा कर्णो व्यवस्थितान्।
समभ्यधावत्त्वरित: पञ्चालान् शत्रुकर्षिण:॥ ३॥
 
 
अनुवाद
संजय ने कहा - हे राजन! धृष्टद्युम्न आदि पाण्डव योद्धाओं को वहाँ खड़ा देखकर कर्ण ने बड़ी शीघ्रता से शत्रुसंहारक पांचालों पर आक्रमण कर दिया।
 
Sanjaya said - O King! Seeing the Pandava warriors like Dhrishtadyumna standing there, Karna very hastily attacked the enemy-killing Panchalas.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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