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mahabharat 8.48.19: कर्ण के ज्येष्ठ पुत्र महारथी वृषसेन पीछे के रक्षक थे। वे स्वयं कर्ण के पृष्ठ भाग की रक्षा कर रहे थे।   |   mahabharat अध्याय 8.48: कर्णके द्वारा बहुत-से योद्धाओंसहित पाण्डव-सेनाका संहार, भीमसेनके द्वारा कर्णपुत्र भानुसेनका वध, नकुल और सात्यकिके साथ वृषसेनका युद्ध तथा कर्णका राजा युधिष्ठिरपर आक्रमण   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 48: कर्णके द्वारा बहुत-से योद्धाओंसहित पाण्डव-सेनाका संहार, भीमसेनके द्वारा कर्णपुत्र भानुसेनका वध, नकुल और सात्यकिके साथ वृषसेनका युद्ध तथा कर्णका राजा युधिष्ठिरपर आक्रमण  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  8.48.19 
पृष्ठगोप्ता तु कर्णस्य ज्येष्ठ: पुत्रो महारथ:।
वृषसेन: स्वयं कर्णं पृष्ठत: पर्यपालयत्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
कर्ण के ज्येष्ठ पुत्र महारथी वृषसेन पीछे के रक्षक थे। वे स्वयं कर्ण के पृष्ठ भाग की रक्षा कर रहे थे।
 
Karna's eldest son Maharathi Vrishasena was the rear guard. He himself was protecting Karna's rear.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)