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mahabharat 8.48.17: महाराज! तब दस पांचाल योद्धाओं ने कर्ण को घेर लिया, किन्तु कर्ण ने पुनः अपने बाणों से उन सबको तत्काल मार डाला।   |   mahabharat अध्याय 8.48: कर्णके द्वारा बहुत-से योद्धाओंसहित पाण्डव-सेनाका संहार, भीमसेनके द्वारा कर्णपुत्र भानुसेनका वध, नकुल और सात्यकिके साथ वृषसेनका युद्ध तथा कर्णका राजा युधिष्ठिरपर आक्रमण   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 48: कर्णके द्वारा बहुत-से योद्धाओंसहित पाण्डव-सेनाका संहार, भीमसेनके द्वारा कर्णपुत्र भानुसेनका वध, नकुल और सात्यकिके साथ वृषसेनका युद्ध तथा कर्णका राजा युधिष्ठिरपर आक्रमण  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  8.48.17 
परिवव्रुर्महाराज पञ्चालानां रथा दश।
पुनरेव च तान् कर्णो जघानाशु पतत्त्रिभि:॥ १७॥
 
 
अनुवाद
महाराज! तब दस पांचाल योद्धाओं ने कर्ण को घेर लिया, किन्तु कर्ण ने पुनः अपने बाणों से उन सबको तत्काल मार डाला।
 
Maharaj! Then ten Panchala warriors surrounded Karna, but Karna again killed them all instantly with his arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)