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mahabharat 8.48.13: महाराज! इस प्रकार पांचाल महारथियों ने युद्धस्थल में अद्भुत पराक्रम करने वाले कर्ण को चारों ओर से घेर लिया।   |   mahabharat अध्याय 8.48: कर्णके द्वारा बहुत-से योद्धाओंसहित पाण्डव-सेनाका संहार, भीमसेनके द्वारा कर्णपुत्र भानुसेनका वध, नकुल और सात्यकिके साथ वृषसेनका युद्ध तथा कर्णका राजा युधिष्ठिरपर आक्रमण   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 48: कर्णके द्वारा बहुत-से योद्धाओंसहित पाण्डव-सेनाका संहार, भीमसेनके द्वारा कर्णपुत्र भानुसेनका वध, नकुल और सात्यकिके साथ वृषसेनका युद्ध तथा कर्णका राजा युधिष्ठिरपर आक्रमण  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  8.48.13 
तं तथा समरे कर्म कुर्वाणमतिमानुषम्।
परिवव्रुर्महाराज पञ्चालानां रथव्रजा:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
महाराज! इस प्रकार पांचाल महारथियों ने युद्धस्थल में अद्भुत पराक्रम करने वाले कर्ण को चारों ओर से घेर लिया।
 
Maharaj! In this manner, the Panchala charioteers surrounded Karna, who was performing extraordinary deeds, from all sides in the battlefield.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)