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mahabharat 8.48.12: वीर कर्ण ने अपने स्वर्ण-पंखों वाले बाणों द्वारा, जो उसके शत्रुओं के शरीरों को छेदते थे, चेदि देश के सैकड़ों और हजारों वीरों को मार डाला॥12॥   |   mahabharat अध्याय 8.48: कर्णके द्वारा बहुत-से योद्धाओंसहित पाण्डव-सेनाका संहार, भीमसेनके द्वारा कर्णपुत्र भानुसेनका वध, नकुल और सात्यकिके साथ वृषसेनका युद्ध तथा कर्णका राजा युधिष्ठिरपर आक्रमण   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 48: कर्णके द्वारा बहुत-से योद्धाओंसहित पाण्डव-सेनाका संहार, भीमसेनके द्वारा कर्णपुत्र भानुसेनका वध, नकुल और सात्यकिके साथ वृषसेनका युद्ध तथा कर्णका राजा युधिष्ठिरपर आक्रमण  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  8.48.12 
सुवर्णपुङ्खैर्नाराचै: परकायविदारणै:।
चेदिकानवधीद् वीर: शतशोऽथ सहस्रश:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
वीर कर्ण ने अपने स्वर्ण-पंखों वाले बाणों द्वारा, जो उसके शत्रुओं के शरीरों को छेदते थे, चेदि देश के सैकड़ों और हजारों वीरों को मार डाला॥12॥
 
The brave Karna killed hundreds and thousands of heroes of the Chedi country with his golden-feathered arrows, which pierced the bodies of his enemies.॥12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)