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mahabharat 8.48.10: पांडव सेना में प्रवेश करके और अपने बाणों की वर्षा करके कर्ण ने प्रभद्रक के सतहत्तर प्रमुख योद्धाओं को मार डाला।   |   mahabharat अध्याय 8.48: कर्णके द्वारा बहुत-से योद्धाओंसहित पाण्डव-सेनाका संहार, भीमसेनके द्वारा कर्णपुत्र भानुसेनका वध, नकुल और सात्यकिके साथ वृषसेनका युद्ध तथा कर्णका राजा युधिष्ठिरपर आक्रमण   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 48: कर्णके द्वारा बहुत-से योद्धाओंसहित पाण्डव-सेनाका संहार, भीमसेनके द्वारा कर्णपुत्र भानुसेनका वध, नकुल और सात्यकिके साथ वृषसेनका युद्ध तथा कर्णका राजा युधिष्ठिरपर आक्रमण  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  8.48.10 
स पाण्डवबलं कर्ण: प्रविश्य विसृजञ्छरान्।
प्रभद्रकाणां प्रवरानहनत् सप्तसप्ततिम्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
पांडव सेना में प्रवेश करके और अपने बाणों की वर्षा करके कर्ण ने प्रभद्रक के सतहत्तर प्रमुख योद्धाओं को मार डाला।
 
Entering the Pandava army and showering his arrows, Karna killed seventy-seven of the most prominent warriors of the Prabhadrakas.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)