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श्लोक 8.48.1  |
धृतराष्ट्र उवाच
यत्तत् प्रविश्य पार्थानां सैन्यं कुर्वञ्जनक्षयम्।
कर्णो राजानमभ्येत्य तन्ममाचक्ष्व संजय॥ १॥ |
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| अनुवाद |
| धृतराष्ट्र ने पूछा- संजय! कर्ण कुन्तीपुत्रों की सेना में प्रवेश करके जो नरसंहार कर रहा था, उसका समाचार राजा युधिष्ठिर तक पहुँचाकर मुझे सुनाओ। |
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| Dhritarashtra asked- Sanjay! Tell me the news of the carnage that Karna was causing after entering the army of Kunti's sons and reaching King Yudhishthira. |
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