श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 48: कर्णके द्वारा बहुत-से योद्धाओंसहित पाण्डव-सेनाका संहार, भीमसेनके द्वारा कर्णपुत्र भानुसेनका वध, नकुल और सात्यकिके साथ वृषसेनका युद्ध तथा कर्णका राजा युधिष्ठिरपर आक्रमण  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  8.48.1 
धृतराष्ट्र उवाच
यत्तत् प्रविश्य पार्थानां सैन्यं कुर्वञ्जनक्षयम्।
कर्णो राजानमभ्येत्य तन्ममाचक्ष्व संजय॥ १॥
 
 
अनुवाद
धृतराष्ट्र ने पूछा- संजय! कर्ण कुन्तीपुत्रों की सेना में प्रवेश करके जो नरसंहार कर रहा था, उसका समाचार राजा युधिष्ठिर तक पहुँचाकर मुझे सुनाओ।
 
Dhritarashtra asked- Sanjay! Tell me the news of the carnage that Karna was causing after entering the army of Kunti's sons and reaching King Yudhishthira.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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