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mahabharat 8.47.8-9h: तत्पश्चात्, विजय के दृढ़ निश्चय से तथा मृत्यु को युद्ध से निवृत्त होने का बहाना बनाकर, अर्जुन को मार डालने की इच्छा रखने वाले संशप्तकों ने भी उस पर आक्रमण कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 8.47: कौरवों और पाण्डवोंकी सेनाओंका भयंकर युद्ध तथा अर्जुन और कर्णका पराक्रम   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 47: कौरवों और पाण्डवोंकी सेनाओंका भयंकर युद्ध तथा अर्जुन और कर्णका पराक्रम  »  श्लोक 8-9h
 
 
श्लोक  8.47.8-9h 
अथ संशप्तका: पार्थमभ्यधावन् वधैषिण:॥ ८॥
विजये धृतसंकल्पा मृत्युं कृत्वा निवर्तनम्।
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात्, विजय के दृढ़ निश्चय से तथा मृत्यु को युद्ध से निवृत्त होने का बहाना बनाकर, अर्जुन को मार डालने की इच्छा रखने वाले संशप्तकों ने भी उस पर आक्रमण कर दिया।
 
Then, with a firm resolve to win and taking death as the excuse to retire from the battle, the Samshaptakas, who desired to kill Arjuna, also attacked him. 8 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)