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mahabharat 8.47.5: कबूतरों के समान रंग वाले तथा चन्द्रमा और सूर्य के समान तेजस्वी घोड़ों वाले वीर धनुर्धर द्रुपदकुमार धृष्टद्युम्न वहाँ साक्षात काल के समान शोभा पा रहे थे।   |   mahabharat अध्याय 8.47: कौरवों और पाण्डवोंकी सेनाओंका भयंकर युद्ध तथा अर्जुन और कर्णका पराक्रम   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 47: कौरवों और पाण्डवोंकी सेनाओंका भयंकर युद्ध तथा अर्जुन और कर्णका पराक्रम  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  8.47.5 
पारावतसवर्णाश्वश्चन्द्रादित्यसमद्युति:।
पार्षत: प्रबभौ धन्वी कालो विग्रहवानिव॥ ५॥
 
 
अनुवाद
कबूतरों के समान रंग वाले तथा चन्द्रमा और सूर्य के समान तेजस्वी घोड़ों वाले वीर धनुर्धर द्रुपदकुमार धृष्टद्युम्न वहाँ साक्षात काल के समान शोभा पा रहे थे।
 
The brave Drupada Kumar Dhrishtadyumna, the brave archer with horses colored like pigeons and as bright as the moon and the sun, looked like Kaal incarnate there.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)