श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 47: कौरवों और पाण्डवोंकी सेनाओंका भयंकर युद्ध तथा अर्जुन और कर्णका पराक्रम  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  8.47.23 
एवं मारिष संग्रामो नरवाजिगजक्षय:।
कुरूणां सृञ्जयानां च देवासुरसमोऽभवत्॥ २३॥
 
 
अनुवाद
माननीय महोदय! कौरवों और सृंजयों के बीच का यह युद्ध, जिसमें मनुष्य, घोड़े और हाथी सब मारे गए थे, देवताओं और दानवों के बीच के युद्ध के समान भयंकर था।
 
Honorable Sir! This war between the Kauravas and the Srinjayas, which destroyed men, horses and elephants, was as terrible as the war between gods and demons. 23.
 
इति श्रीमहाभारते कर्णपर्वणि संकुलयुद्धे सप्तचत्वारिंशोऽध्याय:॥ ४७॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत कर्णपर्वमें संकुलयुद्धविषयक सैंतालीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ४७॥

 
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas