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एवं मारिष संग्रामो नरवाजिगजक्षय:।
कुरूणां सृञ्जयानां च देवासुरसमोऽभवत्॥ २३॥
अनुवाद
माननीय महोदय! कौरवों और सृंजयों के बीच का यह युद्ध, जिसमें मनुष्य, घोड़े और हाथी सब मारे गए थे, देवताओं और दानवों के बीच के युद्ध के समान भयंकर था।
Honorable Sir! This war between the Kauravas and the Srinjayas, which destroyed men, horses and elephants, was as terrible as the war between gods and demons. 23.
इति श्रीमहाभारते कर्णपर्वणि संकुलयुद्धे सप्तचत्वारिंशोऽध्याय:॥ ४७॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत कर्णपर्वमें संकुलयुद्धविषयक सैंतालीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ४७॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥