Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.47.18-19h: उनका वह युद्ध क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र योद्धाओं के शरीर, पाप और प्राणों का नाश करने वाला, संहारक, धर्म के अनुकूल, स्वर्ग देने वाला और यश बढ़ाने वाला था ॥18 1/2॥ | mahabharat अध्याय 8.47: कौरवों और पाण्डवोंकी सेनाओंका भयंकर युद्ध तथा अर्जुन और कर्णका पराक्रम । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उनका वह युद्ध क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र योद्धाओं के शरीर, पाप और प्राणों का नाश करने वाला, संहारक, धर्म के अनुकूल, स्वर्ग देने वाला और यश बढ़ाने वाला था ॥18 1/2॥
That war of his was the destroyer of the bodies, sins and lives of the Kshatriya, Vaishya and Shudra warriors, it was destructive, compatible with religion, giving heaven and increasing fame. 18 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥