vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 8: कर्ण पर्व
»
अध्याय 46: कौरव-सेनाकी व्यूह-रचना, युधिष्ठिरके आदेशसे अर्जुनका आक्रमण, शल्यके द्वारा पाण्डव-सेनाके प्रमुख वीरोंका वर्णन तथा अर्जुनकी प्रशंसा
»
श्लोक d6
श्लोक
8.46.d6
अर्जुनं किल राधेयो वधिष्यति महारणे॥
अथवा कं नरं लोके न स्पृशन्ति मनोरथा:।
अनुवाद
निश्चय ही राधा पुत्र कर्ण इस महायुद्ध में अर्जुन का वध करेगा, अन्यथा संसार में ऐसा कौन मनुष्य है जिसकी महान् महत्वाकांक्षाएं न हों?
Surely Radha's son Karna will kill Arjun in this great war or which man in this world does not have great ambitions?
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×