श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 46: कौरव-सेनाकी व्यूह-रचना, युधिष्ठिरके आदेशसे अर्जुनका आक्रमण, शल्यके द्वारा पाण्डव-सेनाके प्रमुख वीरोंका वर्णन तथा अर्जुनकी प्रशंसा  »  श्लोक d5
 
 
श्लोक  8.46.d5 
अद्येदानीं महद् युद्धं भविष्यति भयानकम्॥
अद्येदानीं जयो नित्यमेकस्यैकस्य वा रणे।
 
 
अनुवाद
आज एक भयानक युद्ध शुरू होने वाला है। आज युद्ध के मैदान में इन दोनों में से एक की जीत अवश्य होगी।
 
A terrible war is about to start today. Today one of these two will surely win on the battlefield.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)