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mahabharat 8.46.9: युधिष्ठिर पर अर्जुन के रहते कौन आक्रमण कर सकता था, जिसने पूर्वकाल में अकेले ही खाण्डव वन के समस्त प्राणियों को परास्त कर दिया था? राधापुत्र कर्ण के अतिरिक्त और कौन ऐसा था जो जीवित रहते हुए भी अर्जुन से युद्ध कर सकता था?॥9॥   |   mahabharat अध्याय 8.46: कौरव-सेनाकी व्यूह-रचना, युधिष्ठिरके आदेशसे अर्जुनका आक्रमण, शल्यके द्वारा पाण्डव-सेनाके प्रमुख वीरोंका वर्णन तथा अर्जुनकी प्रशंसा   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 46: कौरव-सेनाकी व्यूह-रचना, युधिष्ठिरके आदेशसे अर्जुनका आक्रमण, शल्यके द्वारा पाण्डव-सेनाके प्रमुख वीरोंका वर्णन तथा अर्जुनकी प्रशंसा  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  8.46.9 
को ह्यर्जुनस्य सान्निध्ये शक्तोऽभ्येतुं युधिष्ठिरम्।
सर्वभूतानि यो ह्येक: खाण्डवे जितवान् पुरा।
कस्तमन्यस्तु राधेयात् प्रतियुद्‍ध्येज्जिजीविषु:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर पर अर्जुन के रहते कौन आक्रमण कर सकता था, जिसने पूर्वकाल में अकेले ही खाण्डव वन के समस्त प्राणियों को परास्त कर दिया था? राधापुत्र कर्ण के अतिरिक्त और कौन ऐसा था जो जीवित रहते हुए भी अर्जुन से युद्ध कर सकता था?॥9॥
 
Who could attack Yudhishthira while Arjuna was near him, who in the past had single-handedly defeated all the creatures in the Khandava forest? Who other than Radha's son Karna could fight against Arjuna despite wanting to stay alive?॥9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)